20 छात्रों की मौत... फिर भी सत्ता बेपरवाह! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर MASS INDIA का रणघोष
छत्रपति संभाजीनगर, १८ जुलाई | (प्रतिनिधि) : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक प्रकरण, छात्रों की आत्महत्याओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में सोमवार, 28 जुलाई को छत्रपति संभाजीनगर के क्रांति चौक पर माहिती सेवा समिति (MASS INDIA) की ओर से जोरदार धरना आंदोलन किया गया। आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार की कथित संवेदनहीनता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और सोनम वांगचुक के आंदोलन को देशव्यापी जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।

धरने को संबोधित करते हुए माहिती सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश एन. मेन्चिरेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश देश के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में समाजसेवी एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले लगभग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी बिगड़ती सेहत और छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह मौन बनी हुई है। उन्होंने घोषणा की कि MASS INDIA सोनम वांगचुक के न्यायपूर्ण संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है और देशभर में इस आंदोलन को जनसमर्थन दिलाने का कार्य करेगी।
समिति की महिला अध्यक्ष एवं मराठवाड़ा प्रवक्ता एडवोकेट शिवानी जायसवाल ने जोशीली घोषणाओं और अपनी ओजस्वी कविता के माध्यम से उपस्थित नागरिकों में उत्साह का संचार किया। उन्होंने युवाओं से अन्याय, भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था में फैल रही अव्यवस्था के खिलाफ आगे आने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। आंदोलनकारियों का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम से निराश होकर देशभर में अनेक विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया, फिर भी केंद्र सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
धरने में शब्बीर शेख जिलानी (सिल्लोड अध्यक्ष), इब्राहिम खान, नंदकिशोर पालकर, मिर्जा चांद बेग (कार्यकारिणी सदस्य), रियाज देशमुख (सेवानिवृत्त सहायक पुलिस आयुक्त), महेश धनावत (जालना अध्यक्ष), विकास बागडी, सत्संगराज सोनावणे, अमीषा बनकर, अब्दुल मजीद शेख, रविंद्र कीर्तिशाही सहित समिति के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
धरने के समापन पर आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सोनम वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की। पूरे आंदोलन के दौरान "शिक्षा बचाओ, देश बचाओ", "पेपर लीक के दोषियों को सजा दो", "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारों से क्रांति चौक गूंज उठा।